10 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है विश्व हिंदी दिवस, आखिर क्या है इतिहास?
आज विश्व हिंदी दिवस है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि 10 जनवरी ही क्यों चुना गया? यह तारीख कोई संयोग नहीं, बल्कि हिंदी की वैश्विक यात्रा और पहचान की मजबूत नींव है। आज दुनिया के करीब 60 करोड़ हिंदीभाषी सिर्फ एक भाषा नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति, भावनाओं और पहचान का जश्न मना रहे हैं।
जब हिंदी ने दुनिया के मंच पर रखे कदम
हिंदी की अंतरराष्ट्रीय पहचान की कहानी शुरू होती है 10 जनवरी 1975 से, जब नागपुर में पहला विश्व हिंदी सम्मेलन आयोजित हुआ। इसमें 30 देशों के 122 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पहल ने हिंदी को वैश्विक मंच पर पहुंचाने की दिशा तय कर दी।
इसके बाद, 2006 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 10 जनवरी को आधिकारिक रूप से विश्व हिंदी दिवस घोषित किया। इस सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र में हिंदी को मान्यता दिलाने पर गंभीर चर्चा हुई—जो आज भी हिंदी प्रेमियों के लिए गर्व का विषय है।
आखिर 10 जनवरी ही क्यों है खास?
- 1949 में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में पहली बार हिंदी गूंजी, जब सांसद लक्ष्मी कांत मैत्रा ने हिंदी में भाषण दिया।
- UNESCO ने 1948 में हिंदी को अपनी आधिकारिक भाषा सूची में शामिल किया।
- फिजी, मॉरीशस और सूरीनाम जैसे देशों में हिंदी को राजभाषा का दर्जा प्राप्त है।
ये सभी घटनाएं इस तारीख को हिंदी के इतिहास में बेहद खास बना देती हैं।
जब पूरी दुनिया मनाती है हिंदी का उत्सव
हर साल संयुक्त राष्ट्र में 10 से 16 जनवरी तक ‘हिंदी सप्ताह’ मनाया जाता है। भारतीय दूतावासों में कवि सम्मेलन, भाषण और निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित होती हैं।
2026 की थीम है—“डिजिटल युग में हिंदी की प्रासंगिकता”। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, “विश्व हिंदी दिवस हमारी सांस्कृतिक धरोहर को मजबूत करता है।”
हिंदी की ताकत, पूरी दुनिया में असर
हिंदी आज दुनिया की तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। बॉलीवुड, योग और आयुर्वेद के जरिए हिंदी एक ग्लोबल ब्रांड बन चुकी है। डिजिटल दुनिया में भी हिंदी की पकड़ मजबूत हो रही है—Google और Facebook पर हिंदी कंटेंट में 500% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खास बात यह है कि युवा पीढ़ी अब AI और डिजिटल टूल्स की मदद से हिंदी सीख रही है।
कुछ रोचक तथ्य जो आपको चौंका देंगे
- पहला हिंदी अखबार 1826 में कलकत्ता से प्रकाशित हुआ।
- देवनागरी लिपि करीब 1500 साल पुरानी मानी जाती है।
- हिंदी में 4 लाख से ज्यादा शब्द हैं, जो इसे संस्कृत से समृद्ध बनाते हैं।
आज विश्व हिंदी दिवस सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि यह याद दिलाता है कि हिंदी सिर्फ भाषा नहीं—भावनाओं, संस्कारों और संस्कृति का सेतु है, जो पूरी दुनिया को जोड़ती है।
