लाल किले में आज क्या हुआ? पीएम मोदी ने नेताजी की 129वीं जयंती पर देशवासियों को चौंकाया!
आज पूरा देश आज़ाद हिंद फ़ौज के संस्थापक और महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती को पूरे सम्मान और जोश के साथ ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मना रहा है।
इस ऐतिहासिक मौके पर दिल्ली के लाल किले से जो नज़ारा देखने को मिला, उसने न सिर्फ मौजूद लोगों को बल्कि करोड़ों देशवासियों को भावुक और गौरवान्वित कर दिया।
लाल किले से पीएम मोदी का जोशीला संबोधन
कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेताजी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर की। इसके बाद लाल किले की प्राचीर से दिया गया उनका संबोधन पूरे कार्यक्रम का केंद्र रहा।
पीएम मोदी ने नेताजी के प्रसिद्ध नारे ‘दिल्ली चलो’ को याद करते हुए कहा,
“आज का भारत नेताजी के दिखाए रास्ते पर चलते हुए अपनी सीमाओं की रक्षा भी कर रहा है और वैश्विक मंच पर अपनी ताकत भी साबित कर रहा है। नेताजी का पराक्रम ही नए भारत की सबसे बड़ी प्रेरणा है।”
उनके शब्दों में आत्मविश्वास, इतिहास का सम्मान और भविष्य का संकल्प साफ झलक रहा था।
वो पल जिसने सबको चौंका दिया
कार्यक्रम के दौरान कुछ ऐसे पल आए, जिन पर हर किसी की नजरें ठहर गईं।
- डिजिटल प्रदर्शनी का उद्घाटन:
पीएम मोदी ने नेताजी के जीवन पर आधारित एक विशेष डिजिटल प्रदर्शनी का उद्घाटन किया, जिसमें दशकों से बंद फाइलों में छुपे दुर्लभ दस्तावेज और तस्वीरें पहली बार देश के सामने लाई गईं। - AI तकनीक से नेताजी का साक्षात्कार:
सबसे ज्यादा चर्चा में रहा AI-आधारित इंटरैक्टिव होलोग्राम, जिसमें युवा नेताजी का वर्चुअल अवतार दिखाई दिया। इस तकनीक के जरिए युवा पीढ़ी नेताजी के विचारों और उनके संघर्ष की कहानी सीधे “सुन” सकी। - अंडमान-निकोबार का ऐतिहासिक ऐलान:
पीएम मोदी ने बताया कि अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में बनने वाला नेताजी स्मारक अब अंतिम चरण में है, जो आने वाले समय में देशभक्ति और पर्यटन का बड़ा केंद्र बनेगा।
‘पराक्रम’ की नई परिभाषा
प्रधानमंत्री ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि
“पराक्रम सिर्फ युद्धभूमि में नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने, टेक्नोलॉजी में आगे बढ़ने और दुनिया का नेतृत्व करने में भी दिखना चाहिए।”
उनका संदेश साफ था—इतिहास पढ़ने के साथ-साथ अब इतिहास रचने का वक्त है।
सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम
26 जनवरी की तैयारियों और पराक्रम दिवस को देखते हुए लाल किले और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
एंटी-ड्रोन सिस्टम, स्नाइपर्स और मल्टी-लेयर सिक्योरिटी के बीच कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सफल रहा।
सोशल मीडिया पर छाया पराक्रम दिवस
कार्यक्रम के बाद सोशल मीडिया पर #ParakramDiwas और #Netaji129 ट्रेंड करने लगे।
लोग पीएम मोदी की पहल, नेताजी को दिए गए सम्मान और आधुनिक तकनीक से इतिहास को जोड़ने के प्रयास की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
