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PM मोदी ने फिर तोड़ा प्रोटोकॉल! एयरपोर्ट पहुँचकर दुनिया को चौंकाया, जानें क्या है पूरा मामला।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर अपने अलग अंदाज़ और मजबूत कूटनीति को लेकर सुर्खियों में हैं। परंपराओं से हटकर फैसले लेने के लिए पहचाने जाने वाले पीएम मोदी ने आज राजनयिक प्रोटोकॉल तोड़ते हुए ऐसा कदम उठाया, जिसने देश ही नहीं, पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

प्रधानमंत्री मोदी संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का स्वागत करने के लिए खुद पालम एयरपोर्ट पहुंच गए—एक ऐसा दृश्य जो बेहद कम देखने को मिलता है।

क्या होता है राजनयिक प्रोटोकॉल और क्यों है यह खास?

आमतौर पर भारत आने वाले किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष का स्वागत विदेश मंत्री या राज्य मंत्री करते हैं। प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति का एयरपोर्ट जाकर अगवानी करना केवल बहुत खास मौकों या बेहद करीबी मित्र देशों के लिए ही होता है।

पीएम मोदी का खुद एयरपोर्ट पहुंचना यह साफ संदेश देता है कि भारत-यूएई रिश्ते केवल औपचारिक नहीं, बल्कि गहरी रणनीतिक साझेदारी पर आधारित हैं।

गले मिलकर किया स्वागत, सोशल मीडिया पर छाईं तस्वीरें

सुबह करीब 10 बजे पीएम मोदी पालम टेक्निकल एरिया पहुंचे। जैसे ही यूएई राष्ट्रपति का विशेष विमान उतरा, प्रधानमंत्री ने आगे बढ़कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और दोनों नेता गले मिले।

इस मुलाकात की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जहां लोग इसे “दो देशों की दोस्ती का प्रतीक” बता रहे हैं।

क्यों है यह दौरा बेहद अहम?

यह दौरा इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि यूएई के राष्ट्रपति भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने आए हैं। इससे पहले भी भारत ने बहुत कम देशों को यह सम्मान दिया है।

दुनिया को मिला बड़ा कूटनीतिक संदेश

राजनयिक विशेषज्ञों का मानना है कि पीएम मोदी का यह कदम सिर्फ शिष्टाचार नहीं, बल्कि एक स्पष्ट रणनीतिक संकेत है।
इस दौरे के दौरान—

  • ऊर्जा सुरक्षा
  • व्यापार और निवेश
  • तकनीकी और रणनीतिक सहयोग

जैसे अहम मुद्दों पर कई बड़े समझौतों की उम्मीद जताई जा रही है।

अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी पीएम मोदी के इस ‘प्रोटोकॉल-ब्रेकिंग मूव’ की जमकर तारीफ हो रही है।

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि भारत की विदेश नीति सिर्फ दस्तावेजों तक सीमित नहीं, बल्कि रिश्तों, भरोसे और सम्मान पर टिकी है।
अब सबकी निगाहें इस दौरे के नतीजों और भारत-यूएई संबंधों की अगली दिशा पर टिकी हैं।