क्या शुरू हो गया है महायुद्ध? पाकिस्तान ने पार की सरहद! एयरस्ट्राइक के बाद सरहद पर हलचल तेज..
पाकिस्तान-अफगानिस्तान बॉर्डर पर अब युद्ध का साया मंडरा रहा है। रविवार भोर होने से पहले ही पाकिस्तानी फाइटर जेट्स ने दुर्गम लाइन पार कर अफगानिस्तान के नंगरहार और पक्तिका प्रांतों में जोरदार एयरस्ट्राइक ठोक दी। हमले इतने जबरदस्त कि तालिबान के ठिकाने सुलग उठे, आंतकवादी भागते-भागते पहाड़ों में गायब हो गए। दुर्गम लाइन पर हलचल मच गई – पाकिस्तानी सैनिक अलर्ट मोड में, तालिबान वाले बदले की जिद पर।
आधी रात को दहशत: Taliban कैंपों पर पाकिस्तानी बमों की बौछार
सोचिए, आधी रात का सन्नाटा चीरते हुए आसमान से मौत बरस रही हो। पाकिस्तानी डिफेंस सोर्सेज बता रहे हैं – ये “इंटेलिजेंस बेस्ड ऑपरेशन” था, बिल्कुल सटीक निशाना। उनके मिग्स ने TTP और ISKP के सात बड़े तालिबान ठिकानों को धूल चटा दी। ये बदला था हाल के उन खौफनाक बम धमाकों का – बन्नू, बाजौर और इस्लामाबाद में सैकड़ों जवान शहीद, जिसमें लेफ्टिनेंट कर्नल भी शामिल।
ग्राउंड रिपोर्ट्स कहती हैं, पक्तिका के बरमल-उरगुन और नंगरहार के खोगयानी-बेहसूद जिलों में धमाकों की गूंज आज भी सुनाई दे रही। पाक सूचना मंत्रालय ने कन्फर्म किया – सातों टारगेट पर डायरेक्ट हिट। शुरुआती खबरें: दर्जनों तालिबान आतंकी मारे गए। लेकिन काबुल वाले चिल्ला रहे हैं कि रिहायशी इलाके और एक मदरसा भी उजड़ गया, औरतें-बच्चे मारे गए।
Taliban का खौफनाक ऐलान: “सही वक्त पर देंगे जवाब”
अफगान रक्षा मंत्रालय ने सीधे कहा – ये हमला उनकी संप्रभुता पर चोट है। तालिबान ने चेतावनी दी: “सही समय पर इसका जबरदस्त जवाब देंगे।” ये सुनकर बॉर्डर पर सिहरन दौड़ गई।
एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तानी आर्मी ने दुर्गम लाइन पर पेट्रोलिंग दोगुनी कर दी। लोकल सोर्सेज बताते हैं – बमों की गड़गड़ाहट से तालिबान कैंपों में भगदड़ मच गई। लड़ाके हथियार फेंककर ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्तों पर भागे। एक्सपर्ट्स चेताते हैं: अगर तालिबान ने जवाबी हमला बोला, तो ये छोटा-मोटा झगड़ा बड़ा युद्ध बन सकता है।
दुर्गम लाइन पर जंग का माहौल: Taliban भागे, पाक अलर्ट
बॉर्डर अब जंगफील्ड जैसा। पाकिस्तानी जवान हर तरफ नजर रखे हुए, ड्रोन ऊपर गश्त कर रहे। तालिबान वाले तो डर के मारे छिप गए, लेकिन उनका गुस्सा फूटने को है। एक लोकल चप्पा-चप्पा खबर दे रहा: “धुंआआ अभी भी उठ रहा, तालिबान के भूत भाग चुके।”
ये सब TTP की करतूतों का नतीजा। वो तालिबान की छत्रछाया में पाक पर हमले करते, फिर अफगानिस्तान भाग आते। इस्लामाबाद धमाके ने आग लगा दी – वहां सैनिकों का खून बहा। अब पाक ने कहा – बस बहुत हुआ!
Taliban के सात ठिकाने ध्वस्त: कौन-कौन से निशाने?
चलिए डिटेल में देखें। पक्तिका में बरमल का वो कैंप जहां TTP प्लानिंग होती। उरगुन में ट्रेनिंग ग्राउंड। नंगरहार के खोगयानी में हथियार डिपो। बेहसूद में कमांड सेंटर। हर जगह तालिबान प्रोटेक्शन। पाक जेट्स ने इन्हें नेस्तनाबूद कर दिया।
तालिबान दावा कर रहे – सिविलियन कैजुअल्टीज। लेकिन वीडियोज में तो सिर्फ बंकर उड़ते दिखे। प्रोपगैंडा या सच? वक्त बताएगा।
Taliban की कमजोरी उजागर: पाकिस्तान का मास्टरस्ट्रोक?
तालिबान को काबुल में तो शांति का दावा, लेकिन बॉर्डर पर आग लगाना बंद नहीं। TTP को शरण देना उनकी बड़ी भूल। पाक का ये स्ट्राइक – 2010 के ट्राइबल एरिया ऑप्स जैसा। तब आतंकी भूखे मर गए। अब भी वही फॉर्मूला।
लेकिन खतरा बरकरार। तालिबान के पास रॉकेट्स, लड़ाके। जवाबी अटैक से KPK में तबाही मच सकती। बॉर्डर गावों में दुकानें बंद, स्कूल खाली। लोग डर से कांप रहे।
इंडिया पर असर: तालिबान अफगानिस्तान से सबक?
भारत की नजरें टिकीं। तालिबान ने वादा किया था – आतंकी नहीं पालेंगे। लेकिन TTP को पनाह दी। ट्रेड रूट्स खतरे में, रेफ्यूजीज बढ़ सकते। दिल्ली सतर्क।
UN-UN की अपील: शांति रखो। लेकिन तालिबान सुनेंगे? बैकचैनल टॉक्स चल रही, पर हवा गरम।
ग्राउंड जीरो से आवाजें: तालिबान का खौफ टूटा?
पक्तिका का एक किसान: “तालिबान ने कहा था सुकून देंगे, अब बम बरस रहे।” पाक जवान का भाई: “शहीदों का बदला लिया।” सिविलियन सबसे ज्यादा मर रहे – दोनों तरफ।
पाक कहता – जीरो कोलैट्रल। तालिबान चिल्लाता – मासूम मरे। सच्चाई बीच में।
तालिबान का अंतिम मौका? या युद्ध की शुरुआत?
समेटते हुए: पाक ने तालिबान को आईना दिखाया। TTP खत्म करो, वरना ऐसे ही चलेगा। दुनिया दबाव डाले। अगर तालिबान ने रॉकेट दागे, तो साउथ एशिया जल उठेगा।
