BCCI का बड़ा फैसला: 8 दिग्गज खिलाड़ी हुए टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर?
यह खबर क्रिकेट प्रेमियों के लिए किसी झटके से कम नहीं है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 की उलटी गिनती शुरू होने से ठीक पहले ही क्रिकेट जगत से ऐसी खबरें सामने आ रही हैं, जिन्होंने कई टीमों की रणनीति और फैंस की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। चोटों की मार इस बार इतनी गहरी है कि सिर्फ एक-दो नहीं, बल्कि दुनिया की कई दिग्गज टीमों के बड़े खिलाड़ी इस मेगा टूर्नामेंट से बाहर हो चुके हैं।
भारत को लगा बड़ा झटका, हर्षित राणा बाहर
भारतीय टीम के लिए सबसे चिंताजनक खबर तेज गेंदबाज हर्षित राणा के बाहर होने की है। घुटने की गंभीर चोट के चलते वह पूरे टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। यह चोट उन्हें दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए एक वॉर्म-अप मुकाबले के दौरान लगी थी। मैच के बाद जब उनकी जांच हुई तो मेडिकल टीम ने साफ कर दिया कि उन्हें खेलने के लिए पूरी तरह फिट होने में लंबा समय लगेगा।
हर्षित राणा का बाहर होना इसलिए भी बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि वह सिर्फ एक गेंदबाज नहीं थे, बल्कि निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी कर टीम को अतिरिक्त गहराई भी देते थे। पिछले कुछ महीनों में उन्होंने सीमित ओवरों में जिस तरह से खुद को साबित किया था, उससे चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट को उनसे काफी उम्मीदें थीं।
सिराज की वापसी, अनुभव का सहारा
हर्षित की चोट के बाद बीसीसीआई (BCCI) ने तुरंत कदम उठाते हुए अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को टीम में शामिल करने का फैसला किया। सिराज का अनुभव भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती देगा, खासकर शुरुआती ओवरों में। भले ही उनकी हालिया फॉर्म पर कुछ सवाल उठ रहे हों, लेकिन बड़े टूर्नामेंट में उनका अनुभव भारत के लिए अहम साबित हो सकता है।
टीम मैनेजमेंट का मानना है कि सिराज की स्विंग और डेथ ओवरों की गेंदबाजी से हर्षित की कमी को काफी हद तक पूरा किया जा सकता है।
चोटों की मार सिर्फ भारत तक सीमित नहीं
इस बार की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि चोटों का संकट सिर्फ भारतीय टीम तक सीमित नहीं है। ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड और श्रीलंका जैसी मजबूत टीमों के कई मैच-विनर खिलाड़ी भी इस वर्ल्ड कप में नजर नहीं आएंगे। इससे टूर्नामेंट का पूरा समीकरण ही बदलता हुआ नजर आ रहा है।
चोट के कारण बाहर हुए प्रमुख खिलाड़ी
टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर हुए खिलाड़ियों की सूची वाकई लंबी और चौंकाने वाली है:
- हर्षित राणा (भारत) – घुटने की चोट, विकल्प: मोहम्मद सिराज
- पैट कमिंस (ऑस्ट्रेलिया) – पीठ और पैर की समस्या
- जोश हेज़लवुड (ऑस्ट्रेलिया) – हैमस्ट्रिंग की चोट
- मिशेल स्टार्क (ऑस्ट्रेलिया) – निजी कारण/फिटनेस समस्या
- एडम मिल्ने (न्यूजीलैंड) – हैमस्ट्रिंग चोट, विकल्प: काइल जैमीसन
- टोनी डी ज़ोरज़ी (दक्षिण अफ्रीका) – हैमस्ट्रिंग टियर, विकल्प: रयान रिकेल्टन
- डोनोवन फरेरा (दक्षिण अफ्रीका) – कंधे की चोट, विकल्प: ट्रिस्टन स्टब्स
- ईशान मलिंगा (श्रीलंका) – कंधे की चोट
ऑस्ट्रेलिया का पेस अटैक कमजोर
ऑस्ट्रेलियाई टीम को इस वर्ल्ड कप से पहले शायद सबसे बड़ा झटका लगा है। पैट कमिंस, जोश हेज़लवुड और मिशेल स्टार्क जैसे तीन बड़े नाम टीम से बाहर हैं या पूरी तरह फिट नहीं हैं। इन खिलाड़ियों के बिना ऑस्ट्रेलिया का तेज गेंदबाजी आक्रमण पहले जैसा खतरनाक नहीं रह गया है।
कमिंस लंबे समय से पीठ की समस्या से जूझ रहे थे और पूरी तरह फिट नहीं हो पाए। वहीं हेज़लवुड की हैमस्ट्रिंग चोट ने उनकी वापसी की सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। स्टार्क का बाहर होना भी टीम के संतुलन को प्रभावित कर सकता है, क्योंकि बड़े मैचों में उनका अनुभव अमूल्य माना जाता है।
दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका की परेशानियां
दक्षिण अफ्रीकी टीम को भी इस वर्ल्ड कप से पहले दोहरे झटके लगे हैं। युवा बल्लेबाज टोनी डी ज़ोरज़ी और ऑलराउंडर डोनोवन फरेरा चोट के कारण बाहर हो चुके हैं। हालांकि प्रोटियाज टीम ने फरेरा की जगह विस्फोटक बल्लेबाज ट्रिस्टन स्टब्स को शामिल कर कुछ हद तक नुकसान की भरपाई करने की कोशिश की है।
मेजबान श्रीलंका के लिए भी हालात आसान नहीं हैं। युवा गेंदबाज ईशान मलिंगा का बाहर होना टीम के लिए बड़ा नुकसान है, क्योंकि घरेलू परिस्थितियों में उनसे काफी उम्मीदें थीं।
न्यूजीलैंड को भी झटका
न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज एडम मिल्ने की हैमस्ट्रिंग चोट ने टीम को मजबूर किया कि वे अनुभवी काइल जैमीसन को उनकी जगह टीम में शामिल करें। हालांकि जैमीसन का अनुभव टीम के काम आ सकता है, लेकिन मिल्ने की गति और विविधता की कमी जरूर खलेगी।
बदलती रणनीतियां, नए चेहरे
इतनी बड़ी संख्या में खिलाड़ियों के बाहर होने से सभी टीमों को अपनी रणनीति दोबारा तैयार करनी पड़ रही है। कई टीमों को मजबूरन युवा और कम अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा जताना पड़ रहा है। इससे टूर्नामेंट में नए सितारों के उभरने की संभावना भी बढ़ गई है।
भारत का पहला मुकाबला
डिफेंडिंग चैंपियन भारतीय टीम अपना पहला मुकाबला शनिवार, 7 फरवरी 2026 को अमेरिका के खिलाफ खेलेगी। यह मैच वानखेड़े स्टेडियम में होगा, जहां भारतीय फैंस की जबरदस्त भीड़ देखने को मिल सकती है।
फैंस के लिए राहत की बात यह है कि मोहम्मद सिराज की वापसी से गेंदबाजी में अनुभव जुड़ा है और टीम संतुलित नजर आ रही है।
क्या चोटें बदल देंगी वर्ल्ड कप का विजेता?
हर वर्ल्ड कप में चोटें टीमों की किस्मत बदलती रही हैं, लेकिन इस बार इसका असर कुछ ज्यादा ही बड़ा नजर आ रहा है। जब एक साथ कई दिग्गज खिलाड़ी बाहर हों, तो यह कहना गलत नहीं होगा कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 में कुछ अप्रत्याशित नतीजे देखने को मिल सकते हैं।
निष्कर्ष
टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत से पहले चोटों की यह लहर टूर्नामेंट को और भी रोमांचक बना रही है। जहां एक ओर दिग्गज खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी से फैंस निराश हैं, वहीं दूसरी ओर नए चेहरों के पास खुद को साबित करने का सुनहरा मौका है। अब देखना दिलचस्प होगा कि कौन सी टीम इन चुनौतियों से उबरकर ट्रॉफी की ओर कदम बढ़ाती है और कौन सी टीम चोटों के इस संकट में लड़खड़ा जाती है।
एक बात तय है—इस बार का वर्ल्ड कप सिर्फ क्रिकेट का नहीं, बल्कि हिम्मत, फिटनेस और गहराई की असली परीक्षा होने वाला है।
