अजित पवार के प्लेन क्रैश की वो इनसाइड स्टोरी, जो टीवी पर भी नहीं दिखाई गई।
आसमान में लड़खड़ाया विमान, अचानक बिगड़ा संतुलन… फिर गूंजे 5 धमाके
बारामती के पास हुए विमान हादसे की आंखों देखी कहानी, हर पल में दहशत
देश की राजनीति और प्रशासन से जुड़े गलियारों में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेता अजित पवार से जुड़े एक विमान हादसे की खबर सामने आई। यह हादसा इतना अचानक और भयावह था कि जिसने भी उस मंजर को देखा, वह सिहर उठा।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आसमान में उड़ता विमान अचानक लड़खड़ाने लगा, संतुलन बिगड़ा और कुछ ही पलों में ऐसा लगा जैसे हालात पूरी तरह हाथ से निकल चुके हों।
“पहले सब सामान्य था… फिर सब कुछ पलट गया”
घटना के वक्त मौजूद स्थानीय लोगों का कहना है कि शुरुआत में कुछ भी असामान्य नहीं लगा। विमान सामान्य ऊंचाई पर उड़ रहा था, लेकिन जैसे ही वह बारामती क्षेत्र के नज़दीक पहुंचा, उसकी दिशा और गति में असमानता दिखने लगी।
एक चश्मदीद ने बताया,
“विमान थोड़ा नीचे आया, फिर ऊपर उठने की कोशिश की। ऐसा लग रहा था जैसे पायलट कंट्रोल में लाने की कोशिश कर रहा हो, लेकिन तभी एक के बाद एक तेज आवाजें सुनाई दीं।”
आसमान में गूंजे धमाके, ज़मीन तक पहुंची आवाज
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ही सेकंड में पांच तेज धमाकों जैसी आवाजें सुनाई दीं। ये आवाजें इतनी ज़ोरदार थीं कि आसपास के गांवों तक लोग सहम गए। कई लोगों ने पहले इसे किसी सैन्य अभ्यास या तेज बिजली गिरने जैसी घटना समझा, लेकिन जल्द ही धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया।
धमाकों के बाद विमान तेजी से नीचे की ओर आता दिखा और फिर आसपास के खेतों की दिशा में गिरने की खबर सामने आई। टक्कर के तुरंत बाद आग और धुएं ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया।
मौके पर अफरा-तफरी, लोग मदद को दौड़े
हादसे की खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीण और स्थानीय लोग मौके की ओर भागे। लेकिन आग की तेज़ लपटों और लगातार हो रहे छोटे-छोटे विस्फोटों के कारण कोई भी ज़्यादा पास नहीं जा सका।
एक स्थानीय किसान ने बताया,
“हम मदद करना चाहते थे, लेकिन आग बहुत ज़्यादा थी। हर कुछ सेकंड में आवाज हो रही थी, ऐसा लग रहा था जैसे कुछ भी सुरक्षित नहीं है।”
प्रशासन और राहत टीमें तुरंत हरकत में
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंचीं। पूरे इलाके को घेर लिया गया और सुरक्षा कारणों से लोगों को दूर रखा गया।
फायर ब्रिगेड ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक विमान का बड़ा हिस्सा जलकर क्षतिग्रस्त हो चुका था।
क्या थी उड़ान की योजना?
सूत्रों के अनुसार, यह विमान एक निजी चार्टर्ड फ्लाइट थी, जो मुंबई से बारामती की ओर जा रही थी। उड़ान का उद्देश्य पहले से तय कार्यक्रमों से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि, विमान में मौजूद यात्रियों और क्रू को लेकर आधिकारिक पुष्टि संबंधित एजेंसियों द्वारा की जानी बाकी है।
तकनीकी खराबी या मानवीय चूक?
हादसे के कारणों को लेकर फिलहाल केवल अटकलें लगाई जा रही हैं।
एविएशन विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में कई संभावनाएं होती हैं, जैसे—
- तकनीकी खराबी
- इंजन या फ्यूल सिस्टम में समस्या
- लैंडिंग के दौरान विज़िबिलिटी या मौसम का असर
- मानवीय त्रुटि
हालांकि, डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) और अन्य संबंधित एजेंसियां ही जांच के बाद असली वजह साफ कर पाएंगी।
राजनीति और प्रशासन में हलचल
इस घटना की खबर फैलते ही राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई। अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति का एक बड़ा चेहरा हैं, ऐसे में उनसे जुड़ी किसी भी आपात स्थिति की खबर स्वाभाविक रूप से राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई।
कई नेताओं और सार्वजनिक हस्तियों ने घटना पर चिंता जताई और सभी की सुरक्षा के लिए दुआएं कीं। साथ ही, मामले की निष्पक्ष और तेज जांच की मांग भी उठने लगी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और तस्वीरें
हादसे के कुछ ही मिनटों बाद सोशल मीडिया पर धुएं, आग और घटनास्थल के वीडियो वायरल होने लगे। हालांकि, प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपुष्ट जानकारी फैलाने से बचें और केवल आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करें।
आगे क्या?
फिलहाल पूरा देश और खासकर महाराष्ट्र की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि—
- हादसे की असली वजह क्या थी
- जांच में क्या सामने आता है
- सुरक्षा मानकों में क्या सुधार किए जाएंगे
अधिकारियों का कहना है कि ब्लैक बॉक्स और फ्लाइट डेटा की जांच के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ हो पाएगी।
निष्कर्ष
बारामती के पास हुआ यह विमान हादसा एक बार फिर यह याद दिलाता है कि तकनीक कितनी भी उन्नत क्यों न हो, सुरक्षा और सतर्कता से समझौता नहीं किया जा सकता।
जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाज़ी होगी, लेकिन आंखों देखी रिपोर्ट्स और शुरुआती जानकारियों ने इस घटना को बेहद गंभीर बना दिया है।
