भारतटेक्नोलॉजी

दिल्ली बना दुनिया का ‘AI हेडक्वार्टर’! भारत मंडपम में मोदी के साथ जुटे ग्लोबल दिग्गज, देखिए क्या हुआ।

दिल्ली का भारत मंडपम इन दिनों सिर्फ एक आयोजन स्थल नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने वाला मंच बन गया है। India AI Impact Summit 2026 ने राजधानी को वैश्विक तकनीक और नीति-निर्माण के केंद्र में ला खड़ा किया है। जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस भव्य कार्यक्रम का उद्घाटन किया, सभागार तालियों से गूंज उठा। माहौल में उत्साह था, उम्मीद थी और एक नए भारत की झलक भी।

क्यों खास है India AI Impact Summit 2026?

India AI Impact Summit 2026 को दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सबसे बड़े सम्मेलनों में गिना जा रहा है। यहां सिर्फ तकनीक की बातें नहीं हो रहीं, बल्कि यह चर्चा हो रही है कि AI आम लोगों की जिंदगी कैसे बेहतर बना सकता है। पांच दिनों तक चलने वाला यह आयोजन (16–20 फरवरी) 118 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधियों को एक साथ लेकर आया है।

सभागार में एक तरफ टेक कंपनियों के दिग्गज थे, तो दूसरी ओर नीति-निर्माता और युवा स्टार्टअप संस्थापक। यह दृश्य अपने आप में बता रहा था कि India AI Impact Summit 2026 केवल एक इवेंट नहीं, बल्कि एक आंदोलन की शुरुआत है।

वैश्विक नेताओं की मौजूदगी

इस समिट में दुनिया के कई बड़े नेता पहुंचे। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की उपस्थिति ने आयोजन को अंतरराष्ट्रीय महत्व दिया।

टेक जगत से ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन, गूगल के सुंदर पिचाई, माइक्रोसॉफ्ट के ब्रैड स्मिथ और एनवीडिया के जेनसेन हुआंग जैसे बड़े नाम यहां नजर आए। इन सभी ने भारत की बढ़ती AI क्षमता की खुलकर सराहना की।

India AI Impact Summit 2026 में यह साफ दिखा कि भारत अब केवल टेक्नोलॉजी का उपभोक्ता नहीं, बल्कि भविष्य का निर्माता बनना चाहता है।

प्रधानमंत्री का ‘MANAV’ विजन

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने AI को लेकर एक साफ और सरल संदेश दिया। उन्होंने कहा कि AI इंसानों की जगह लेने के लिए नहीं, बल्कि उनकी क्षमता बढ़ाने के लिए है। उन्होंने ‘MANAV’ विजन पेश किया — एक ऐसा दृष्टिकोण जिसमें तकनीक मानव-केंद्रित हो।

उनके शब्दों में, “भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी है। हम तकनीक को केवल अपनाते नहीं, उसे बड़े स्तर पर लागू भी करते हैं।”

India AI Impact Summit 2026 में यह विचार बार-बार दोहराया गया कि तकनीक तभी सफल है, जब वह समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

माइक्रोसॉफ्ट का बड़ा निवेश

समिट के पहले दिन एक बड़ी घोषणा ने सबका ध्यान खींचा। माइक्रोसॉफ्ट ने ‘ग्लोबल साउथ’ में AI विस्तार के लिए 50 बिलियन डॉलर निवेश करने की बात कही। कंपनी के प्रेसिडेंट ब्रैड स्मिथ ने बताया कि इस निवेश का बड़ा हिस्सा भारत में डेटा सेंटर और स्किल डेवलपमेंट पर खर्च होगा।

इस घोषणा ने साफ कर दिया कि India AI Impact Summit 2026 केवल चर्चा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके नतीजे जमीन पर भी दिखेंगे।

आम लोगों के लिए क्या मायने?

बहुत से लोग सोचते हैं कि AI सिर्फ बड़ी कंपनियों या टेक विशेषज्ञों के लिए है। लेकिन India AI Impact Summit 2026 में जोर इस बात पर दिया गया कि AI का इस्तेमाल खेती, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में कैसे किया जा सकता है।

  • किसान बेहतर मौसम और फसल की जानकारी पा सकेंगे
  • ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी को AI से पूरा किया जा सकेगा
  • बच्चों को उनकी जरूरत के अनुसार पढ़ाई का कंटेंट मिलेगा

यही कारण है कि इस बार का विषय रखा गया — “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय।”

स्टार्टअप्स के लिए सुनहरा मौका

समिट में 400 से अधिक प्रदर्शकों ने अपनी नई तकनीक दिखाई। युवा स्टार्टअप संस्थापकों के लिए यह मंच किसी सपने से कम नहीं था। निवेशकों से मुलाकात, वैश्विक साझेदारी और नई संभावनाएं — सब कुछ एक ही छत के नीचे।

India AI Impact Summit 2026 ने यह भी दिखाया कि भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम अब दुनिया से कदम मिलाकर चल रहा है।

युवाओं में उत्साह

भारत मंडपम के बाहर लंबी कतारें थीं। छात्रों और टेक प्रेमियों में गजब का उत्साह दिखा। करीब 2.5 लाख लोगों के इस आयोजन में शामिल होने की उम्मीद है।

युवाओं के लिए यह सिर्फ एक सम्मेलन नहीं, बल्कि प्रेरणा का स्रोत है। यहां आकर उन्हें यह भरोसा मिला कि अगर विचार मजबूत हो और मेहनत सच्ची हो, तो दुनिया की कोई ताकत उन्हें रोक नहीं सकती।

दुनिया के लिए संदेश

India AI Impact Summit 2026 ने दुनिया को एक स्पष्ट संदेश दिया — भारत तकनीक के भविष्य में नेतृत्व करने के लिए तैयार है। यहां विकास केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक और मानवीय मूल्यों पर आधारित होगा।

जब दुनिया AI के खतरों पर चर्चा कर रही है, भारत उसका संतुलित और जिम्मेदार उपयोग सिखाने की बात कर रहा है। यह दृष्टिकोण ही इस समिट को खास बनाता है।

निष्कर्ष: नई दिशा की शुरुआत

दिल्ली से शुरू हुई यह पहल आने वाले वर्षों में वैश्विक तकनीकी परिदृश्य को बदल सकती है। India AI Impact Summit 2026 ने यह साबित कर दिया कि भारत केवल भागीदार नहीं, बल्कि पथप्रदर्शक बनने की राह पर है।

यह समिट खत्म जरूर होगा, लेकिन इससे निकले विचार और साझेदारियां लंबे समय तक असर डालेंगी।

एक नई सुबह की शुरुआत हो चुकी है — और इस बार, उसकी किरणें दिल्ली से निकल रही हैं।