मैदान पर बवाल और फिर भारत की ऐतिहासिक जीत! जानें कैसे 114 रनों पर ढेर हुई पाकिस्तानी टीम
टी-20 क्रिकेट में भारत और पाकिस्तान का मुकाबला हमेशा सिर्फ एक मैच नहीं होता, बल्कि करोड़ों दिलों की धड़कनों से जुड़ा एक भावनात्मक संघर्ष होता है। टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेला गया यह हाई-वोल्टेज मुकाबला भी कुछ ऐसा ही रहा। स्टेडियम खचाखच भरा था, माहौल में बिजली-सी कड़कड़ाहट थी और हर गेंद पर शोर आसमान छू रहा था। लेकिन जब मैच खत्म हुआ, तो स्कोरबोर्ड पर जो अंक चमक रहे थे, उन्होंने साफ कर दिया कि इस रात पर सिर्फ भारत का कब्जा था। भारत ने पाकिस्तान को 61 रनों के बड़े अंतर से हराकर सुपर-8 में अपनी जगह पक्की कर ली। यह जीत सिर्फ दो अंक नहीं थी, बल्कि आत्मविश्वास, दबदबे और दबाव में प्रदर्शन की कहानी थी।
टॉस से पहले ही दिखा तनाव
मैच शुरू होने से पहले ही माहौल में खिंचाव साफ नजर आ रहा था। टॉस के दौरान भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव और पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा आमने-सामने थे। कैमरों की नजरें उन पर टिकी थीं। औपचारिक मुस्कान तो दिखी, लेकिन हाथ मिलाने की परंपरा इस बार गायब रही। स्टेडियम में बैठे दर्शकों ने भी इस पल को महसूस किया। क्रिकेट के मैदान पर ऐसी छोटी-छोटी बातें बड़े मैच का तापमान और बढ़ा देती हैं। हालांकि भारतीय टीम ने इस अतिरिक्त दबाव को अपने खेल पर हावी नहीं होने दिया।
शुरुआती झटका, फिर ईशान का तूफान
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को पहले ही ओवर में झटका लगा। अभिषेक शर्मा बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। पाकिस्तान के तेज गेंदबाजों ने शुरुआत में सख्त लाइन-लेंथ रखी और भारतीय ड्रेसिंग रूम में हल्की बेचैनी दिखने लगी। लेकिन क्रीज पर मौजूद ईशान किशन के इरादे कुछ और ही थे। उन्होंने शुरुआत में कुछ गेंदें देखीं, फिर जैसे ही लय पकड़ी, मैदान के हर कोने में शॉट्स की बारिश शुरू कर दी। कवर ड्राइव, पुल शॉट और शानदार छक्के—किशन ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
सिर्फ 27 गेंदों में अर्धशतक पूरा करना इस बात का संकेत था कि वह रुकने के मूड में नहीं हैं। उन्होंने 40 गेंदों में 77 रन बनाए, जिसमें 10 चौके और 3 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। हर चौके के साथ स्टेडियम में भारत-भारत के नारे और तेज हो जाते। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने भी 32 रनों की उपयोगी पारी खेली। बीच के ओवरों में कुछ विकेट जरूर गिरे, लेकिन रन गति बनी रही। 20 ओवर के बाद भारत ने 175/7 का मजबूत स्कोर खड़ा कर दिया। यह स्कोर इस पिच पर चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था। ड्रेसिंग रूम में संतोष था, लेकिन असली परीक्षा अब गेंदबाजों के सामने थी।
176 का पीछा और भारतीय गेंदबाजों का कहर
पाकिस्तान की पारी शुरू होते ही भारतीय तेज गेंदबाजों ने आक्रामक रुख अपनाया। जसप्रीत बुमराह ने अपनी पहली ही स्पेल में खतरनाक लेंथ से बल्लेबाजों को उलझा दिया। हार्दिक पांड्या ने भी सटीक लाइन के साथ दबाव बढ़ाया। सिर्फ 13 रन पर पाकिस्तान के तीन विकेट गिर चुके थे। स्टेडियम में बैठे भारतीय समर्थक झूम उठे, जबकि पाकिस्तानी खेमे में सन्नाटा छा गया।
मिडिल ऑर्डर से उम्मीद थी कि वह पारी संभालेगा, लेकिन अक्षर पटेल ने बाबर आजम को बोल्ड कर मैच का रुख लगभग तय कर दिया। गेंद सीधे स्टंप से जा टकराई और भारतीय खिलाड़ियों का जश्न देखते ही बनता था। उस्मान खान ने 44 रनों की कोशिश जरूर की, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से कोई खास साथ नहीं मिला। विकेट गिरते रहे और रन रुकते रहे। वरुण चक्रवर्ती ने अपनी फिरकी से बल्लेबाजों को बांधे रखा। 18वें ओवर तक पाकिस्तान की पूरी टीम 114 रन पर सिमट गई। स्कोरबोर्ड पर 61 रनों की जीत चमक रही थी।
गेंदबाजों का सामूहिक प्रदर्शन
इस जीत की खास बात यह रही कि किसी एक गेंदबाज ने नहीं, बल्कि पूरी यूनिट ने मिलकर काम किया।
- हार्दिक पांड्या: 2 विकेट, 16 रन
- जसप्रीत बुमराह: 2 विकेट, 17 रन
- वरुण चक्रवर्ती: 2 विकेट, 17 रन
- अक्षर पटेल: 2 विकेट, 19 रन
हर गेंदबाज ने अपनी भूमिका निभाई और पाकिस्तान को कभी संभलने का मौका नहीं दिया।
सुपर-8 का टिकट और पाकिस्तान की मुश्किलें
इस जीत के साथ भारत सुपर-8 में पहुंचने वाली पहली टीमों में शामिल हो गया है। टीम का मनोबल ऊंचा है और संयोजन संतुलित नजर आ रहा है। बल्लेबाजी में आक्रामकता और गेंदबाजी में अनुशासन—यह संतुलन भारत को खिताब की दौड़ में मजबूत दावेदार बनाता है। दूसरी ओर पाकिस्तान के लिए राह अब कठिन हो गई है। नेट रन रेट और बाकी मैचों के परिणामों पर उनकी किस्मत टिकी है।
मैदान से बाहर की कहानी
मैच के बाद खिलाड़ियों ने औपचारिक हाथ मिलाए, लेकिन मैदान पर दिखा तनाव चर्चा का विषय बना रहा। सोशल मीडिया पर भी टॉस के दौरान हाथ न मिलाने का वीडियो तेजी से वायरल हुआ। क्रिकेट प्रेमियों के बीच यह बहस जारी है कि क्या यह महज संयोग था या मैच के दबाव का असर। हालांकि भारतीय कप्तान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जीत का श्रेय टीम के सामूहिक प्रयास को दिया और किसी भी विवाद पर टिप्पणी करने से बचते नजर आए।
आंकड़ों में मैच
टीम | स्कोर | ओवर | मुख्य प्रदर्शन
भारत | 175/7 | 20 | ईशान किशन 77, सूर्यकुमार यादव 32
पाकिस्तान | 114/10 | 18 | उस्मान खान 44, हार्दिक पांड्या 2/16
परिणाम: भारत 61 रनों से विजयी।
एक जीत से बढ़कर
भारत-पाकिस्तान मुकाबले की खासियत यही है कि यह सिर्फ खेल नहीं रहता। यह भावनाओं, इतिहास और उम्मीदों का संगम बन जाता है। इस बार भी वही हुआ। ईशान किशन की आक्रामक बल्लेबाजी, गेंदबाजों की सटीक रणनीति और टीम की एकजुटता ने दिखा दिया कि दबाव में कौन बेहतर खेलता है। कोलंबो की यह रात लंबे समय तक याद रखी जाएगी—एक ऐसी रात जब भारत ने न सिर्फ मैच जीता, बल्कि अपने खेल से संदेश भी दिया कि वह टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में किसी भी चुनौती के लिए तैयार है।
