मार्केट

आखिर क्यों हुआ चांदी और सोने के दामों में इतना बड़ा उलटफेर?

आज सुबह जैसे ही देश के प्रमुख सर्राफा बाजार खुले, वहां एक अजीब-सी बेचैनी देखने को मिली।
जो निवेशक कल तक चांदी के रिकॉर्ड भाव देखकर खुश थे, वही आज दामों की स्क्रीन देखकर सन्न रह गए। एक ही झटके में चांदी ₹24,000 प्रति किलो तक टूट गई, जबकि कई शहरों में गिरावट इससे भी ज्यादा बताई जा रही है। सोना भी इस भूचाल से अछूता नहीं रहा—उसकी कीमतों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई।

बाजार के जानकारों के लिए भी यह गिरावट चौंकाने वाली रही। पिछले कई हफ्तों से बुलियन मार्केट जिस रफ्तार से ऊपर जा रहा था, उसे देखकर किसी को अंदाजा नहीं था कि इतनी अचानक इतनी बड़ी टूट देखने को मिलेगी।

सुबह बाजार खुलते ही बदला माहौल

दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, जयपुर और कोलकाता जैसे बड़े सर्राफा बाजारों में सुबह से ही फोन घनघनाने लगे।
ग्राहक पूछ रहे थे—
“क्या सच में चांदी इतनी सस्ती हो गई है?”
“क्या अभी खरीदना सही रहेगा या और गिरेगी?”

सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि सुबह 9 बजे तक बाजार में एक तरह की भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी। जो ग्राहक कल खरीदारी टाल रहे थे, वे आज दाम सुनते ही दुकान की ओर बढ़ने लगे, जबकि निवेशक वर्ग उलझन में दिखा।

आज का भाव: एक नजर में समझिए गिरावट कितनी बड़ी है

एमसीएक्स (MCX) पर चांदी और सोना—दोनों ही लाल निशान में ट्रेड करते दिखे।

  • चांदी: कई शहरों में ₹24,000 से ₹44,000 प्रति किलो तक की गिरावट
  • सोना: 10 ग्राम पर ₹2,000 से ₹3,500 तक टूटन
  • Gold ETF: करीब 14% तक की गिरावट

इतनी तेज गिरावट आमतौर पर महीनों में देखने को मिलती है, लेकिन इस बार सब कुछ एक ही दिन में हुआ।

इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई? जानिए असली वजह

मुनाफावसूली ने मचाया कोहराम

पिछले कुछ हफ्तों में चांदी और सोने ने जो ऊंचाई छुई थी, वह ऐतिहासिक थी।
निवेशक लंबे समय से बैठे मुनाफे को देखकर बेचैनी में थे।

जैसे ही बाजार को हल्का-सा कमजोर संकेत मिला, बड़ी बिकवाली शुरू हो गई।
जब बड़े खिलाड़ी बेचते हैं, तो कीमतों को संभालना मुश्किल हो जाता है—और यही हुआ।

एक सीनियर बुलियन ट्रेडर ने बताया:

“यह गिरावट डर की नहीं, मुनाफे की है। लोग डरकर नहीं, फायदा देखकर बिके।”

बजट 2026 से पहले बाजार में अनिश्चितता

1 फरवरी को पेश होने वाला केंद्रीय बजट इस गिरावट का दूसरा बड़ा कारण माना जा रहा है।

निवेशकों को आशंका है कि सरकार:

  • सोने-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी में बदलाव कर सकती है
  • टैक्स स्ट्रक्चर में संशोधन कर सकती है

ऐसी किसी भी घोषणा का सीधा असर कीमतों पर पड़ता है।
इसी डर में कई निवेशकों ने पहले ही एग्ज़िट लेना बेहतर समझा।

डॉलर मजबूत, ग्लोबल संकेत कमजोर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है।
जब डॉलर चढ़ता है, तो सोना-चांदी आमतौर पर दबाव में आ जाते हैं।

इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को लेकर दिए गए संकेतों ने भी कीमती धातुओं की चमक को फीका किया है।

ग्राहकों के लिए राहत, निवेशकों के लिए टेंशन

इस गिरावट ने बाजार को दो हिस्सों में बांट दिया है।

शादी-ब्याह वालों के लिए खुशखबरी

  • गहने बनवाना अचानक सस्ता हो गया
  • चांदी के बर्तन और गिफ्ट आइटम्स की डिमांड बढ़ सकती है

निवेशकों के लिए मुश्किल वक्त

  • जिन लोगों ने ऊंचे दामों पर खरीदा था, वे फिलहाल नुकसान में हैं
  • ETF और डिजिटल गोल्ड निवेशकों को झटका लगा है

क्या यह खरीदारी का सही मौका है?

यही सवाल हर किसी के मन में है।

बाजार विशेषज्ञों की राय बंटी हुई है, लेकिन अधिकतर का कहना है—

  • लॉन्ग टर्म निवेशक: धीरे-धीरे खरीदारी कर सकते हैं
  • शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स: फिलहाल दूरी बनाए रखें
  • रिटेल ग्राहक: जरूरत के हिसाब से खरीदारी करें, जल्दबाजी न करें

एक एनालिस्ट का कहना है:

“इतनी बड़ी गिरावट के बाद उछाल भी आता है, लेकिन टाइमिंग बहुत अहम है।”

क्या और गिरेगी चांदी?

यह सवाल फिलहाल खुला है।
अगर:

  • बजट में कोई अप्रत्याशित घोषणा होती है
  • डॉलर और मजबूत होता है

तो कीमतों पर और दबाव बन सकता है।

लेकिन अगर:

  • बाजार में स्थिरता लौटती है
  • ग्लोबल संकेत सुधरते हैं

तो यहां से रिवर्सल भी संभव है।

निष्कर्ष: ऐतिहासिक गिरावट, लेकिन समझदारी जरूरी

₹24,000 तक चांदी का सस्ता होना कोई मामूली घटना नहीं है।
यह इस दशक की सबसे बड़ी एक-दिवसीय गिरावटों में गिनी जाएगी।

यह गिरावट:

  • किसी संकट का संकेत नहीं
  • बल्कि मुनाफावसूली, बजट डर और ग्लोबल फैक्टर्स का नतीजा है

अगर आप निवेशक हैं, तो:

  • बजट तक वेट एंड वॉच
  • अफवाहों से दूर रहें
  • भावनाओं में आकर फैसले न लें

बुलियन मार्केट हमेशा धैर्य की परीक्षा लेता है—और आज का दिन उसी का उदाहरण है।

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