राष्ट्रपति के भाषण से खुले संकेत, क्या मध्यम वर्ग की किस्मत बदलने वाला है ये बजट ?
संसद के बजट सत्र 2026 का औपचारिक आगाज़ आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ हो चुका है। लेकिन यह सत्र सिर्फ एक संवैधानिक औपचारिकता नहीं है—बल्कि करोड़ों भारतीयों, खासकर मध्यम वर्ग (Middle Class) के लिए उम्मीदों की नई सुबह लेकर आया है।
राष्ट्रपति के भाषण में छिपे संकेतों और बजट से पहले की आधिकारिक हलचलों ने यह साफ कर दिया है कि 1 फरवरी 2026 को पेश होने वाला आम बजट केवल आंकड़ों का खेल नहीं होगा, बल्कि यह आम आदमी की जेब, उसकी क्रय शक्ति और जीवनशैली से सीधा जुड़ा होगा।
अब सवाल यह है—
क्या इस बार मध्यम वर्ग को असली राहत मिलेगी?
क्या इनकम टैक्स में बड़ा बदलाव होने वाला है?
महंगाई से जूझ रहे परिवारों को क्या सुकून मिलेगा?
आइए, राष्ट्रपति के अभिभाषण से लेकर बजट की संभावित घोषणाओं तक, हर पहलू को विस्तार से समझते हैं।
राष्ट्रपति के अभिभाषण में क्या रहे बड़े संकेत?
संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सरकार के ‘विकसित भारत’ विज़न को दोहराया। उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक मजबूती का आधार केवल विकास दर नहीं, बल्कि समावेशी विकास (Inclusive Growth) है।
उनके भाषण के कुछ शब्द खासतौर पर चर्चा में रहे:
- आम आदमी की क्रय शक्ति (Purchasing Power)
- Ease of Living (जीवन को आसान बनाना)
- महंगाई पर नियंत्रण
- मध्यम वर्ग की भागीदारी
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि जब राष्ट्रपति अपने संबोधन में बार-बार आम आदमी और मध्यम वर्ग का ज़िक्र करती हैं, तो यह सीधे-सीधे आने वाले बजट की प्राथमिकताओं का संकेत होता है।
इनकम टैक्स में बदलाव: क्या वाकई मिलेगी बड़ी राहत?
पिछले कुछ सालों से मध्यम वर्ग की सबसे बड़ी मांग रही है—
“टैक्स कम हो, हाथ में पैसा ज़्यादा बचे।”
बजट 2026 से पहले जो संकेत मिल रहे हैं, उनके अनुसार सरकार इस बार New Tax Regime को और अधिक आकर्षक बना सकती है।
1. टैक्स छूट की सीमा बढ़ने की संभावना
फिलहाल टैक्स-फ्री इनकम की सीमा सीमित है। सूत्रों की मानें तो:
टैक्स छूट की सीमा को बढ़ाकर
मध्यम वर्ग की Disposable Income को बढ़ाने पर फोकस किया जा सकता है
इसका सीधा असर सैलरी क्लास और छोटे कारोबारियों पर पड़ेगा।
2. Standard Deduction में बड़ा बदलाव?
नौकरीपेशा लोगों के लिए Standard Deduction लंबे समय से एक अहम मुद्दा रहा है।
चर्चा है कि:
- मौजूदा ₹50,000 की सीमा
- बढ़ाकर ₹75,000 या ₹1,00,000 की जा सकती है
अगर ऐसा होता है, तो लाखों कर्मचारियों की Tax Liability सीधे कम हो जाएगी।
3. 80C और होम लोन पर राहत की उम्मीद
पुराने टैक्स सिस्टम को पसंद करने वालों के लिए भी अच्छी खबर हो सकती है।
उम्मीदें हैं कि:
- धारा 80C के तहत निवेश सीमा बढ़ाई जा सकती है
- होम लोन ब्याज पर छूट में सालों से चला आ रहा ठहराव खत्म हो सकता है
यह कदम न केवल टैक्सपेयर्स को राहत देगा, बल्कि रियल एस्टेट और हाउसिंग सेक्टर को भी रफ्तार देगा।
महंगाई पर लगाम: सिर्फ टैक्स नहीं, राहत की असली कसौटी
मध्यम वर्ग के लिए बजट का मतलब केवल टैक्स स्लैब नहीं होता। असल चिंता होती है—
रसोई का खर्च, पेट्रोल-डीज़ल की कीमतें और बच्चों की पढ़ाई।
राष्ट्रपति के भाषण में सप्लाई चेन को मजबूत करने की बात कही गई, जो बेहद अहम है। इसका सीधा मतलब है:
- रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण
- ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स लागत में कमी
Dainik Bhaskar की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार:
- खाद्य वस्तुओं
- ईंधन
- और जरूरी उपभोक्ता सामानों
की कीमतें नियंत्रित करने के लिए बजट में विशेष प्रावधान कर सकती है।
शेयर बाजार में हलचल, निवेशकों की नजर बजट पर
बजट सत्र की शुरुआत के साथ ही शेयर बाजार में भी हलचल तेज हो गई है। निवेशक यह जानना चाहते हैं कि:
- क्या टैक्स राहत से खपत बढ़ेगी?
- क्या सरकार मिडिल क्लास के खर्च करने की क्षमता को बढ़ाएगी?
अगर ऐसा होता है, तो:
- FMCG
- ऑटो
- रियल एस्टेट
- और बैंकिंग सेक्टर
को सीधा फायदा मिल सकता है।
1 फरवरी 2026: उम्मीद या झटका?
अब सारी निगाहें 1 फरवरी, सुबह 11 बजे पर टिकी हैं, जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना बजट भाषण शुरू करेंगी।
सबके मन में एक ही सवाल है:
क्या इस बार वाकई “खुशखबरी” मिलेगी?
या फिर मध्यम वर्ग को एक बार फिर “उम्मीदों का झटका” लगेगा?
इतिहास गवाह है कि हर बजट से पहले उम्मीदें बहुत होती हैं, लेकिन इस बार संकेत कुछ अलग हैं।
निष्कर्ष: क्या बजट 2026 बनेगा मिडिल क्लास-फ्रेंडली?
राष्ट्रपति के अभिभाषण, बजट से पहले की चर्चाओं और आर्थिक हालात को देखते हुए इतना तो तय है कि:
- सरकार को मध्यम वर्ग की नाराज़गी का एहसास है
- और उसे राहत देना अब केवल विकल्प नहीं, ज़रूरत बन चुका है
अगर टैक्स में राहत, महंगाई पर नियंत्रण और जीवन को आसान बनाने वाले फैसले एक साथ आते हैं, तो Budget 2026 वाकई ऐतिहासिक साबित हो सकता है।
