स्पोर्ट्स

लिटन दास ने खोली ICC और BCCI की पोल? भारत आने के विवाद पर किया सबसे बड़ा खुलासा!

आगामी T20 वर्ल्ड कप 2026 को लेकर क्रिकेट जगत में हलचल तेज़ हो गई है।
भारत में होने वाले इस मेगा टूर्नामेंट में बांग्लादेश की भागीदारी पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। इसी बीच टीम के कप्तान लिटन दास ने पहली बार खुलकर इस विवाद पर बात की है—और उनका बयान अब सुर्खियों में है।

BCB और ICC के बीच जारी खींचतान के बीच आया यह बयान सिर्फ एक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि कई अनकहे सवालों की ओर इशारा करता नजर आ रहा है।

क्या है पूरा विवाद? जानिए जड़ से कहानी

T20 वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन भारत में प्रस्तावित है।
हालांकि, सुरक्षा चिंताओं और कुछ राजनीतिक कारणों का हवाला देते हुए बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने अब तक टूर्नामेंट में खेलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

वहीं दूसरी ओर, ICC ने सख्त रुख अपनाते हुए बांग्लादेश को 21 जनवरी तक का अल्टीमेटम दिया है।
अगर तय समयसीमा तक स्थिति साफ नहीं होती, तो बांग्लादेश पर टूर्नामेंट से बाहर होने या बैन जैसी कार्रवाई हो सकती है।

लिटन दास का ‘महाबयान’ जिसने बढ़ाई हलचल

इस पूरे तनावपूर्ण माहौल में बांग्लादेश के कप्तान लिटन दास का बयान सामने आया है, जिसने क्रिकेट गलियारों में सनसनी फैला दी है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में लिटन दास ने कहा:

“एक खिलाड़ी के तौर पर हम सिर्फ क्रिकेट खेलना चाहते हैं। हमारे लिए मैदान ही सब कुछ है। लेकिन जब मैदान के बाहर की बातें खेल से बड़ी हो जाती हैं, तो यह निराशाजनक होता है।”

उन्होंने आगे जोड़ा:

“भारत एक शानदार क्रिकेटिंग देश है और वहां खेलने का अनुभव हमेशा बेहतरीन रहा है। लेकिन कुछ मुद्दे ऐसे हैं जिन पर बोर्ड स्तर पर चर्चा हो रही है—जिनमें खिलाड़ियों की सुरक्षा और लॉजिस्टिक व्यवस्थाएं शामिल हैं। ICC की जिम्मेदारी है कि सभी टीमों को सुरक्षित और समान माहौल मिले।”

क्या ICC और BCCI की तैयारियों पर उठी उंगली?

लिटन दास ने भले ही सीधे तौर पर ICC या BCCI का नाम नहीं लिया, लेकिन क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि उनका बयान तैयारियों और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े करता है।

यह पहली बार है जब किसी मौजूदा कप्तान ने खुले तौर पर कहा हो कि
खिलाड़ियों की चिंताएं सिर्फ बोर्ड तक सीमित नहीं हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, लिटन दास का बयान BCB के रुख को मजबूती देता है और ICC पर दबाव बढ़ाता है।

अब आगे क्या? सबकी नजरें ICC के फैसले पर

अब बड़ा सवाल यही है—
क्या ICC आज शाम तक बांग्लादेश के साथ कोई समाधान निकाल पाएगा?
या फिर क्रिकेट फैंस को T20 वर्ल्ड कप 2026 में बांग्लादेश के बिना ही संतोष करना पड़ेगा?

जो भी फैसला आएगा, वह सिर्फ एक टीम नहीं बल्कि पूरे टूर्नामेंट की साख और वैश्विक क्रिकेट राजनीति को प्रभावित करेगा।

निष्कर्ष

लिटन दास की यह प्रतिक्रिया साफ दिखाती है कि मामला सिर्फ क्रिकेट का नहीं, बल्कि सुरक्षा, भरोसे और निष्पक्षता का है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि ICC इस संकट को कैसे संभालता है—
क्योंकि यहां फैसला सिर्फ बांग्लादेश का नहीं, बल्कि क्रिकेट की भावना का भी है।