लाल निशान में खुला बाजार: इन 10 शेयरों में मची सबसे ज्यादा भगदड़, कहीं आपके पास भी तो नहीं?
मंगलवार बना ‘अमंगल’, शेयर बाजार में हाहाकार! सेंसेक्स 600 अंक लुढ़का, निफ्टी 24,000 के नीचे फिसला
भारतीय शेयर बाजार के लिए आज मंगलवार का दिन निवेशकों के लिए किसी झटके से कम नहीं रहा। जैसे ही बाजार खुला, कमजोर वैश्विक संकेतों और अमेरिकी बाजार में मची भारी उथल-पुथल का असर सीधे भारतीय बाजार पर दिखा।
सुबह के सत्र में ही सेंसेक्स और निफ्टी ने लाल निशान में गहरी गोता लगाई, जिससे निवेशकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
वैश्विक संकेतों ने बिगाड़ा खेल, निवेशकों की बढ़ी चिंता
आज सुबह बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स करीब 600 अंकों की भारी गिरावट के साथ खुला, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 180 अंक टूटकर 24,000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप की नई ट्रेड टैरिफ नीतियों, ग्रीनलैंड को लेकर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी बाजारों में आई तेज गिरावट ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसी डर का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है।
इन 10 दिग्गज शेयरों में मची सबसे ज्यादा भगदड़
आज के कारोबार में सबसे ज्यादा दबाव बड़े और भरोसेमंद शेयरों पर देखने को मिला। टॉप लूजर्स की लिस्ट में ये 10 शेयर शामिल रहे—
- Reliance Industries – हैवीवेट स्टॉक में करीब 2.5% की गिरावट ने बाजार को नीचे खींचा
- LTIMindtree – कमजोर तिमाही नतीजों से 4% से ज्यादा टूट गया
- Infosys – ग्लोबल आईटी खर्च में कटौती की आशंका से मुनाफावसूली
- Tata Motors – सप्लाई चेन बाधा की खबरों से शेयर फिसला
- HDFC Bank – बैंकिंग सेक्टर में बिकवाली का दबाव
- Wipro – आईटी इंडेक्स की कमजोरी का सीधा असर
- Adani Enterprises – बाजार गिरावट के बीच अडानी ग्रुप पर भी दबाव
- Jio Financial Services – नई रेगुलेटरी चिंताओं से शेयर लाल निशान में
- Zomato – न्यू-एज टेक शेयरों से निवेशकों ने बनाई दूरी
- JSW Steel – चीन के कमजोर आर्थिक आंकड़ों से मेटल शेयरों में बिकवाली
अब निवेशकों को क्या करना चाहिए?
बाजार जानकारों का मानना है कि आगामी आम बजट 2026 (1 फरवरी) से पहले बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को घबराहट में आकर जल्दबाजी में फैसले लेने से बचने की सलाह दी जा रही है।
बाजार एक्सपर्ट की राय:
“जब तक वैश्विक हालात साफ नहीं होते, तब तक नया निवेश SIP या किश्तों में ही करें। अच्छे फंडामेंटल वाले शेयरों में पैनिक सेलिंग से बचें और स्टॉप-लॉस का सख्ती से पालन करें।”
