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युवाओं के लिए सुनहरा अवसर: क्या है 12 महीने वाली ‘सरकारी नौकरी’ का सच?

देश के बेरोजगार और करियर की शुरुआत कर रहे युवाओं के लिए केंद्र सरकार एक बार फिर बड़ी सौगात लेकर आई है। प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PM Internship Scheme – PMIS 2026) इन दिनों सोशल मीडिया और गूगल सर्च में ट्रेंड कर रही है। वजह साफ है—इस स्कीम में हर महीने ₹5000 का वजीफा, शुरुआत में ₹6000 एडवांस, और वो भी टाटा, रिलायंस, मारुति जैसी टॉप कंपनियों में काम करने का मौका।

लेकिन सवाल यह है—क्या यह सच में सुनहरा अवसर है या सिर्फ वायरल दावा? आइए जानते हैं पूरी हकीकत।

क्या है PM Internship Scheme 2026?

PMIS 2026 केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका मकसद 21 से 24 वर्ष के युवाओं को 12 महीने की इंडस्ट्री-लेवल इंटर्नशिप देना है। इस दौरान युवाओं को न सिर्फ काम का अनुभव मिलेगा, बल्कि सरकार की ओर से आर्थिक सहायता भी दी जाएगी।

मुख्य फायदे:

  • ₹5000 प्रति माह स्टाइपेंड
  • ₹6000 एकमुश्त एडवांस
  • 500+ बड़ी कंपनियों में इंटर्नशिप
  • सरकारी सर्टिफिकेट
  • फ्री इंश्योरेंस कवर

किन कंपनियों में मिलेगा मौका?

सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस योजना से टाटा ग्रुप, रिलायंस, मारुति, L&T, IT सेक्टर और मैन्युफैक्चरिंग कंपनियाँ जुड़ी हुई हैं। यानी युवाओं को सिर्फ पैसा ही नहीं, बल्कि रियल वर्क एक्सपीरियंस भी मिलेगा, जो आगे नौकरी पाने में गेम-चेंजर साबित हो सकता है।

कौन कर सकता है आवेदन?

  • उम्र: 21 से 24 वर्ष
  • योग्यता: 10वीं पास से लेकर ग्रेजुएट तक
  • बेरोजगार या फ्रेसर युवा
  • किसी रेगुलर नौकरी में न हो

बिना किसी परीक्षा के सीधा चयन, यही इस स्कीम की सबसे बड़ी खासियत है।

फर्जी लिंक से रहें सावधान!

सरकार ने साफ चेतावनी दी है कि PM Internship Scheme के नाम पर फर्जी वेबसाइट और लिंक तेजी से फैल रहे हैं। आवेदन सिर्फ आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ही करें। किसी भी एजेंट या पैसे मांगने वाले लिंक से दूरी बनाए रखें।

खुशखबरी या आधा सच?

कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि ₹5000 स्टाइपेंड कम हो सकता है, लेकिन टॉप कंपनियों में 12 महीने का अनुभव युवाओं के करियर को नई दिशा दे सकता है। खासकर उन छात्रों के लिए जिनके पास डिग्री तो है, लेकिन अनुभव नहीं।

क्यों वायरल हो रही है PMIS 2026?

  • 1 करोड़ युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य
  • सरकारी + प्राइवेट सेक्टर का कॉम्बो
  • बेरोजगारी के दौर में बड़ा भरोसा

यही वजह है कि इसे “मोदी सरकार की इंटर्नशिप क्रांति” कहा जा रहा है।