दुनिया में बढ़ेगी अशांति? रूस का ब्रिटिश राजनयिक पर बड़ा एक्शन, जानें अब क्या होगा?
यूक्रेन युद्ध की तपिश के बीच रूस और ब्रिटेन के रिश्तों में एक बार फिर ज़बरदस्त दरार पड़ गई है। रूस ने जासूसी के आरोप में एक ब्रिटिश राजनयिक को निष्कासित करने का आदेश दिया है। इस अधिकारी को दो हफ्तों के भीतर मॉस्को छोड़ना होगा, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव नई ऊंचाई पर पहुंचता दिख रहा है।
रूसी विदेश मंत्रालय ने इस मामले में ब्रिटेन के चार्ज डी अफेयर्स को तलब कर साफ चेतावनी दी है कि रूस अपनी धरती पर किसी भी तरह की अघोषित खुफिया गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा।
FSB का दावा: दूतावास की आड़ में जासूसी
रूस की खुफिया एजेंसी FSB के मुताबिक, यह ब्रिटिश राजनयिक मॉस्को में स्थित ब्रिटिश दूतावास की आड़ में गुप्तचर गतिविधियों में शामिल था।
विदेश मंत्रालय ने लंदन को चेताते हुए कहा कि अगर हालात और बिगड़े, तो रूस “टिट-फॉर-टैट” यानी बराबरी का जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा।
ब्रिटेन का पलटवार
वहीं, ब्रिटेन ने रूस के आरोपों को “पूरी तरह बेबुनियाद” बताया है। लंदन की ओर से संकेत दिए गए हैं कि वह भी जवाबी कार्रवाई पर विचार कर रहा है। इससे साफ है कि आने वाले दिनों में कूटनीतिक टकराव और तेज़ हो सकता है।
वैश्विक असर: यूरोप की सुरक्षा पर सवाल
यह कोई पहली घटना नहीं है।
- 2024 से अब तक रूस 9 ब्रिटिश राजनयिकों को निष्कासित कर चुका है
- जवाब में ब्रिटेन ने भी रूसी राजनयिकों को बाहर का रास्ता दिखाया
स्क्रीपाल ज़हर कांड के बाद से दोनों देशों के रिश्ते पहले ही तल्ख हैं। अब NATO, यूक्रेन को मिल रही सैन्य मदद और बढ़ते जासूसी आरोपों के बीच यह ताज़ा घटना यूरोपीय सुरक्षा समीकरणों को और अस्थिर कर सकती है।
आगे क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोनों देशों ने संयम नहीं दिखाया, तो यह विवाद
नए राजनयिक प्रतिबंध
और व्यापक अंतरराष्ट्रीय तनाव
का रूप ले सकता है।
निष्कर्ष:
यूक्रेन युद्ध के साये में हुआ यह कदम सिर्फ रूस-ब्रिटेन का मामला नहीं, बल्कि पूरे यूरोप की सुरक्षा और कूटनीति पर असर डालने वाला घटनाक्रम बन सकता है।
