आज ही का दिन! Indian Army Day 2026: जानें क्यों है यह दिन इतना खास
हर साल 15 जनवरी को मनाया जाने वाला भारतीय सेना दिवस 2026 उन जांबाज़ जवानों को समर्पित है, जो देश की सीमाओं पर दिन-रात डटे रहकर भारत की रक्षा करते हैं। यह दिन सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि उस गौरवशाली पल की याद है जब 1949 में लेफ्टिनेंट जनरल के.एम. कारियप्पा स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ बने थे। इसी ऐतिहासिक घटना ने भारतीय सेना को आत्मनिर्भर नेतृत्व की नई पहचान दी।
आज भी सेना के जवान हर मौसम, हर परिस्थिति में तिरंगे की आन-बान-शान की रक्षा करते हुए राष्ट्र सेवा का सर्वोच्च उदाहरण पेश करते हैं।
इतिहास जो आज भी प्रेरणा देता है
15 जनवरी 1949 का दिन भारतीय सैन्य इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। इसी दिन ब्रिटिश जनरल से सेना की कमान भारतीय नेतृत्व के हाथों में आई।
इस अवसर पर हर साल दिल्ली कैंटोनमेंट के कारियप्पा परेड ग्राउंड में भव्य सेना दिवस परेड का आयोजन होता है, जहां:
- आधुनिक हथियारों
- एडवांस ड्रोन तकनीक
- और त्रि-सेवा (थल, जल, वायु) समन्वय
की झलक देखने को मिलती है। इस वर्ष सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने अपने संबोधन में ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए राष्ट्रीय एकता और सैन्य मजबूती पर जोर दिया।
सेना दिवस का असली उद्देश्य
भारतीय सेना दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि:
- शहीदों को श्रद्धांजलि देने का दिन
- युवाओं में देशभक्ति और अनुशासन जगाने का अवसर
- सेना की आधुनिकीकरण यात्रा को समझने का मंच
इस दिन वीरता पुरस्कारों का वितरण, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सैन्य प्रदर्शनों के जरिए नागरिक-सेना संबंध को और मजबूत किया जाता है।
Army Day 2026 की थीम
इस वर्ष सेना दिवस की थीम है—
‘साहस, अनुशासन और राष्ट्र सुरक्षा’
जो भारतीय सेना के मूल मंत्र और संकल्प को दर्शाती है।
गौरव, गर्व और कर्तव्य
Indian Army Day 2026 हमें याद दिलाता है कि आज़ादी सिर्फ एक उपलब्धि नहीं, बल्कि रोज़ निभाई जाने वाली जिम्मेदारी है—और इस जिम्मेदारी को भारतीय सेना हर पल निभा रही है।
वीर जवानों को नमन, शहीदों को श्रद्धांजलि।
