संन्यास या मजबूरी? रोहित-कोहली को लेकर पूर्व खिलाड़ी का चौंकाने वाला खुलासा
भारतीय क्रिकेट के दो सबसे बड़े नाम रोहित शर्मा और विराट कोहली को लेकर एक चौंकाने वाला दावा सामने आया है। एक पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने कहा है कि इन दिग्गज खिलाड़ियों को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के लिए मजबूर किया गया। इस बयान के बाद क्रिकेट जगत में नई बहस छिड़ गई है।
क्या सच में मजबूरी में लिया गया संन्यास?
पूर्व क्रिकेटर का कहना है कि यह फैसला पूरी तरह खिलाड़ियों की इच्छा से नहीं लिया गया। उनके मुताबिक:
- टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ताओं का दबाव इसमें एक बड़ी वजह हो सकता है
- भविष्य की टीम प्लानिंग के नाम पर सीनियर खिलाड़ियों को साइडलाइन किया गया
- टेस्ट क्रिकेट में अनुभव को नजरअंदाज किया गया
बयान ने क्यों बढ़ाई हलचल?
रोहित और कोहली दोनों ही लंबे समय से भारतीय टेस्ट टीम की रीढ़ रहे हैं। ऐसे में इस तरह का बयान कई सवाल खड़े करता है:
- क्या टीम में बदलाव की प्रक्रिया सही तरीके से हुई?
- क्या सीनियर खिलाड़ियों को सम्मानजनक विदाई मिली?
- या फिर प्रदर्शन से ज्यादा रणनीति को तवज्जो दी गई?
फैंस और एक्सपर्ट्स की मिली-जुली प्रतिक्रिया
इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर फैंस दो हिस्सों में बंट गए हैं:
- कुछ लोग इसे सिस्टम की मजबूरी बता रहे हैं
- वहीं कुछ का मानना है कि यह फैसला खिलाड़ियों की सहमति से ही लिया गया होगा
क्रिकेट विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक रोहित या कोहली खुद इस पर कुछ नहीं कहते, तब तक सच्चाई सामने आना मुश्किल है।
आगे क्या?
अब सभी की नजरें बीसीसीआई और दोनों खिलाड़ियों के बयान पर टिकी हैं। अगर यह दावा सही साबित होता है, तो यह भारतीय क्रिकेट के चयन सिस्टम पर बड़ा सवाल खड़ा कर सकता है।
निष्कर्ष
रोहित-कोहली जैसे दिग्गज खिलाड़ियों का टेस्ट क्रिकेट से हटना सिर्फ एक खेल फैसला नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन गया है। क्या यह संन्यास था या मजबूरी—इसका जवाब आने वाला वक्त ही देगा।
