कृषि

किसानों के लिए सरकार का बड़ा फैसला! बीज विधेयक 2025 से क्या बदलने वाला है?

भारत की कृषि व्यवस्था को दुरुस्त करने और किसान की आय में बढ़ोतरी करने की दिशा में सरकार से कदम उठाने जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित बीज विधेयक से कृषि क्षेत्र में नई क्रांति की संभावना है। यह विधेयक किसानों को प्रमाणित और गुणवत्ता युक्त बीज उपलब्ध कराएगा जिससे फसल उत्पादन व गुणवत्ता में बढ़ोतरी होगी।

सरकार की स्पष्‍ट स्थिति है कि बीज विधेयक, 2025 के प्रावधान किसानों और उनके परंपरागत बीज

किन किस्‍मों पर लागू नहीं होंगे ?

यह विधेयक पादक प्रजातियों से संबंधित व्यापार की शर्त, 2001 से किसानों के अधिकारों व प्रत्‍यावर्तन की शर्तों के तहत अपनी खयं-अनंत (Protected) बीजों को कृषि फसल उत्पादन में प्रयोग, बोने, सुरक्षित, आदान-प्रदान, और बिक्री के अधिकारों की संपूर्ण कानूनिक सुरक्षा व्‍यव्‍धान है।

बीजों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के प्रावधान

बीजों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विधेयक, 2025 में किसानों को जो बीज उपलब्‍ध कराए जाएँगे, उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। ये हैं-

  • बाजार में बेची जाने वाली सभी बीज किस्‍मों का अनिवार्य पंजीकरण
  • बीज उत्‍पादक, बीज प्रसंस्करण इकाई और डीलर का पंजीकरण
  • पौध नर्सरी का पंजीकरण
  • आपातकाल की स्थिति में बीजों के बिक्री मूल्य का नियमन
  • बीजों के लॉट का अनिवार्य लेबलिंग
  • पार्टनर पोर्टल पर अनिवार्य पंजीकरण

दंड Provisions:

30 लाख का जुर्माना और 3 साल की सजा। विधेयक का सबसे महत्वपूर्ण भाग इसका दंड संरचना है, जो अपराधों को तीन स्तरों में वर्गीकृत करता है – हल्का, मध्यम और गंभीर।

हल्के अपराधों के लिए पहली बार सिर्फ चेतावनी दी जाएगी, और बार-बार के अपराधों पर जुर्माना लगाया जाएगा।

मध्यम श्रेणी में, पहली बार जुर्माना 1 लाख है और दूसरी बार, 2 लाख है।

गंभीर उल्लंघनों में बहुत सख्ती है। पहली बार उल्लंघन पर 10 लाख का जुर्माना होगा; दूसरी बार, यह 20 लाख होगा और तीसरी बार, यह 30 लाख होगा।